पीएम श्री योजना 2022 की हुई शुरुआत : PM Modi Yojana 2022

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा पीएम श्री योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के माध्यम से पूरे भारत में 14500 पुराने स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से अपग्रेड किए गए स्कूलों में शिक्षा प्रदान करने का एक आधुनिक, परिवर्तनकारी और समग्र तरीका लाया जाएगा। इसमें नवीनतम तकनीक, स्मार्ट क्लास,खेल और आधुनिक अवसंरचना पर विशेष ध्यान जोर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री जी ने अपने ट्वीट में बताया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने हाल के वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को बदल दिया है मुझे यकीन है कि पीएम श्री स्कूल NEP की भावना से पूरे भारत के लाखों छात्रों को लाभान्वित करेंगे। PM SHRI Yojana के माध्यम से पुराने स्कूलों के ढांचे को सुंदर, मजबूत और आकर्षक बनाया जाएगा। कुछ जानकारी के मुताबिक देश के हर ब्लॉक में कम से कम एक पीएम श्री स्कूल की स्थापना की जाएगी और इस योजना के साथ देश के प्रत्येक जिलों के एक माध्यमिक एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा।

PM SHRI Scheme Key Features

योजना का नामपीएम श्री योजना
घोषित की गईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा
घोषित दिनांक5 सितंबर 2022 टीचर्स डे पर
उद्देश्यभारत के पुराने स्कूलों को अपग्रेड करना
कितने स्कूल अपग्रेड किए जाएंगे14,500 स्कूल
साल2022
योजना का प्रकारकेंद्र सरकारी योजना

पीएम श्री योजना के तहत 14,500 स्कूलों का होगा अपग्रेडेशन

इस योजना के माध्यम से भारत के लगभग 14500 पुराने स्कूलों का अपग्रेडेशन होगा। इन पुराने स्कूलों को अपग्रेड करते समय आधुनिक सुंदर ढांचे, स्मार्ट कक्षाओं, खेल सहित अन्य आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह सभी स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर स्थापित किए जाएंगे जो देश के सभी राज्यों में स्थापित होंगे। PM SHRI Yojana के तहत 14500 स्कूलों को अपग्रेड करने में आने वाले खर्च को केंद्र सरकार वहन करेगी और राज्य सरकार को इस योजना पर अमल करने एवं निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस योजना के तहत अपग्रेड किए गए स्कूल के माध्यम से सामान्य लोगों के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। जिससे उनका भविष्य निखरेगा और वह भी शिक्षित होकर भारत के विकास में अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।

PM SHRI Yojana का उद्देश्य

पीएम श्री योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के 14,500 पुराने स्कूलों का अपग्रेडेशन करना है। ताकि इन स्कूलों को नया स्वरूप देकर बच्चों को स्मार्ट शिक्षा से जोड़ा जा सके। पीएम श्री योजना के तहत अपग्रेड किए गए पीएम श्री स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी घटकों की झलक दिखाई देगी‌ और यह अनुकरणीय स्कूलों की तरह काम करेंगे। इसके अलावा अन्य स्कूलों का मार्गदर्शन भी करेंगे।  पीएमओ ने कहा है “इन स्कूलों का उद्देश्य सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अध्ययन और संज्ञानात्मक विकास होगा बल्कि 21वी सदी के कौशल की जरूरतों के अनुरूप समग्र और पूर्ण विकसित नागरिकों का निर्माण करना भी है।” PM SHRI Yojana के माध्यम से अब गरीब बच्चे भी स्मार्ट स्कूलों से जुड़ें सकेंगे जिससे भारत के शिक्षा क्षेत्र को एक अलग पहचान मिलेगी।

PM SHRI School में क्या-क्या खास होगा

  • PM SHRI Yojana के तहत अपडेट किए गए पीएम श्री स्कूलों में नवीनतम तकनीक, स्मार्ट शिक्षा और आधुनिक ढांचा होगा।
  • पीएमश्री स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के सभी घटकों की झलक होगी।
  • यह स्कूल अपने आसपास के अन्य स्कूलों का भी मार्गदर्शन करेंगे।
  • इन स्कूलों में प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होगी।
  • इसके अलावा इनमें अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी। जिससे विद्यार्थी किताबों के अलावा प्रैक्टिस से भी सीख सकें।
  • प्री प्राइमरी एवं प्राइमरी के बच्चों के लिए खेल पर फोकस किया जाएगा। जिससे उनके शारीरिक विकास हो सके।
  • यह योजना पीएम श्री स्कूलोंको आधुनिक जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड करेगी। जिससे बच्चों की आधुनिक जरूरतें पूरी होंगी और वह एक अच्छे माहौल में शिक्षा को ग्रहण कर सकेंगे।

भविष्य के लिए तैयार होंगे युवा

इससे पहले जून में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पीएम श्री वाले स्कूल छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित होंगे। ये अत्याधुनिक स्कूल एनईपी 2020 की प्रयोगशाला होंगे। उन्होंने पीएम श्री स्कूलों के रूप में एक फ्यूचरिस्टिक बेंचमार्क मॉडल बनाने के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और संपूर्ण शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र से सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी।

गौरतलब हो कि कोविड के बाद पूरी दुनिया में तेजी से बदलाव आया है। साथ ही हर कदम पर नई टेक्नोलॉजी के दौर में बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने करने के लिए अभी से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में देश में ‘पीएम श्री स्कूल’ यानि प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI) स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। ये अत्याधुनिक स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की प्रयोगशाला होंगे।

इन चीजों पर रहेगा फोकस 

प्रधानमंत्री ने आगे कहा,”पीएम-श्री स्कूलों में शिक्षा प्रदान करने का एक आधुनिक, परिवर्तन लाने वाला और समग्र तरीका होगा. इनमें खोज उन्मुख और सीखने को केंद्र में रखकर शिक्षा प्रदान करने के तरीके पर जोर रहेगा.” उन्होंने कहा, ‘‘इसके केंद्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, स्मार्ट कक्षाएं, खेल समेत आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा.’’ पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने हाल के वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को बदल दिया है. मुझे यकीन है कि पीएम-श्री स्कूल एनईपी की भावना से पूरे भारत में लाखों छात्रों को लाभान्वित करेंगे. 

क्या है पीएम श्री स्कूल योजना? 

बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जून 2022 में पीएम श्री योजना की शुरुआत की घोषणा की थी. जिसके मुताबिक, पीएम श्री स्कूलों के लिए नया इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के बजाय पुराने सरकारी स्कूलों को ही अपग्रेड किया जाएगा. इनका संचालन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइन पर होगा. यह केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर स्थापित किए जाएंगे. जरूरत के अनुसार, सरकारी स्कूलों के परिसर और ढांचे को सुंदर, मजबूत, आकर्षक बनाया जाएगा. पीएम श्री स्कूलों पर आने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी. हालांकि, राज्य सरकार को इस योजना पर अमल कराने और निगरानी की जिम्मेदारी होगी.   

सामान्य लोगों के बच्चों को भी मिलेगा अच्छी शिक्षा का अवसर 

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर देश के हर ब्लॉक में कम से कम एक पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की जाएगी. ताकि सामान्य लोगों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का मौका मिल सके और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर ना जाना पड़े. इस योजना के तहत देश के प्रत्येक जिले के एक-एक माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा. 

अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में प्रैक्टिल कर सकेंगे छात्र-छात्राएं 

इन स्कूलों में प्री प्राइमरी से 12वीं तक की पढ़ाई होगी. पीएम श्री स्कूलों में अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी. ताकि स्टूडेंट्स किताबी ज्ञान के अलावा प्रैक्टिल से सीख सकें. इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत होता रहेगा. प्री-प्राइमरी और प्राइमरी के बच्चों में खेल पर फोकस किया जाएगा. ताकि उनमें शारीरिक विकास भी हो सके. 

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