Nal Jal Yojana Complaint Number 2022 | नल जल योजना शिकायत संख्या 2022

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Nal Jal Yojana Complaint Number 2022

अगर आप बिहार के सीधे मुख्यमंत्री से अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो आप आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं। आप बिहार नल जल योजना से सम्बंधित किसी भी समस्या के लिए शिकायत कर सकते हैं, आप इस पोर्टल पर जा सकते हैं और अपनी शिकायत लिख सकते हैं।

Nal jal Yojana Bihar Official Address

Bihar Nal Jal Complaint Number, Department of Panchayati Raj , Vikas Bhawan, New Secretariat , Bailey Road, Patna, Bihar, India , PIN: 800015

नल जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति में बाधा होने पर आप फोन और मोबाइल एप prdshikayat.bgsys.co.in पर सूचना दे सकते हैं. इस पर समय-सीमा के भीतर अविलंब कार्रवाई होगी. साथ ही सूचना देने वाले को कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जायेगी. यह व्यवस्था राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग ने शुरू की है.

पंचायती राज विभाग ने कहा है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अंतर्गत राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है. वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के माध्यम से कार्यान्वित योजनाओं के रखरखाव, जल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा या अन्य किसी शिकायत की Nal Jal Yojna Bihar Complaint Number के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है.

प्रदेशवासियों की पानी संबधित परेशानी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने नल-जल योजना की शुरुआत की थी लेकिन नल जल में धांधली, दूषित पानी, समय से जल नहीं मिलना और अन्य कई तरह की शिकायतें लोगों से मिलती रहती हैं. लोगों की इस शिकायत को दूर करने के लिए जिला स्तर पर कॉल सेंटर (Call Center For Nal Jal yojana Complaint In Patna) बनाया गया है. अब शिकायत के बाद 3 दिनों के अंदर कामों का निष्पादन किया जाएगा.

इस योजना से जुड़े तीनों विभागों लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज और नगर विकास एवं आवास विभाग की शिकायतें एक ही टॉल फ्री नंबर 1800-1231121 पर प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है. राज्य के कोई भी लाभुक जो नल जल योजना में गड़बड़ी शिकायत को लेकर इस नंबर पर सुबह 10:00 बजे से लेकर संध्या 6:00 तक कॉल करके शिकायत कर सकते हैं. शिकातय के बाद 3 दिन में शिकायतें दूर नहीं हुईं, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग के ऊपरी अधिकारी के पास पहुंच जाएगी.

इसके लिए विकास भवन, नया सचिवालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है. इस कंट्रोल रूम का नियंत्रण लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के पास है यहां से तीनों विभाग की शिकायतें दूर करने की व्यवस्था है. गौरतलब हो कि राज्य में तीन विभागों को नल-जल योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है, ग्रामीण क्षेत्रों के एक लाख 14 हजार वार्डों में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और पंचायती राज विभाग के माध्यम से योजना संचालित है. इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों के 3300 वार्डों में इस योजना का क्रियान्वयन नगर विकास एवं आवास विभाग करा रहा है.

वहीं, कंट्रोल रूम के प्रबंधक लवकुश शर्मा (Manager Lavkush Sharma) ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान बताया कि सीजीआरसी के तहत पहले सिर्फ पीएचईडी विभाग का शिकायत का निष्पादन किया जाता था. अब पंचायती राज विभाग पीएचईडी विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग तीनों विभागों के लिए यह कंट्रोल रूम काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि जो भी शिकायत करता है, उनका पहले नाम, जिला वार्ड संख्या, मोबाइल नंबर और शिकायत ऑनलाइन दर्ज किया जाता है. उसके बाद संबंधित विभाग को सूचित किया जाता है और त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 दिनों के अंदर उस काम को निष्पादन किया जाता है.

लवकुश शर्मा ने कहा कि टीम में काम कर रहे लोग रोजाना कॉल सेंटर पर लोगों की समस्या को सुनते हैं. अभी तक नगर विकास एवं आवास विभाग पंचायती राज विभाग और पीएचडी विभाग से संबंधित 35 हजार 444 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. जिसमें 26 हजार 941 से ज्यादा शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री का जो सपना है, जलापूर्ति योजनाओं के संचालन रखरखाव समय से लोगों को शुद्ध पेयजल मिले. इसके लिए राज्य स्तर पर कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग किया जा रहा है.

नल जल योजना की बढ़ी निगरानी

राज्यभर में एक करोड़ तीन लाख से अधिक लाभुकों के घरों में अब मुख्यमंत्री हर घर नल का जल योजना के तहत शुद्ध पानी पहुंच रहा है. अब गर्मी में लोगों को नियमित पानी मिले, इसको लेकर वार्डों में हर दिन एक घंटे का पानी पर चर्चा होगी, जिसमें किस घर, गली में पानी नहीं आ रहा है, इसकी शिकायत दर्ज होगी और उसके बाद उस दिक्कत को तुरंत ठीक किया जायेगा. इसको लेकर पीएचइडी ने सभी जिलों में अधिकारियों को निर्देश भेज दिया है.

यह दिया गया निर्देश

  • नल जल योजना की हर दिन निगरानी हो और सितंबर तक लोगों से फीडबैक लिया जाये.
  • कहीं भी जलापूर्ति योजना में गड़बड़ी आती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाये और रिपोर्ट में यह बताया जाये कि किस कारण से योजना कितनी देर बंद हुई.
  • भू-जल स्तर की निगरानी हर दिन हो और जिन इलाकों में 2019 में सबसे अधिक जल स्तर नीचे गया है उसे मानक मानकर ही काम करें ताकि योजना बंद नहीं हो.
  • वार्ड स्तर पर हर चर्चा की जाये, ताकि यह पता चल पाये कि कहीं योजना बंद तो नहीं है.
  • लाभुकों को रैडम फोन कर, योजना की जानकारी लें और फीडबैक बेहतर नहीं आने पर संवेदक और अधिकारी पर कार्रवाई की जायेगी

How can I complain to Nal Jal Yojana in Bihar?

  • सबसे पहले आप इस पेज के अंत में जाये और दिए गए लिंक पे क्लिक कर पंचायती राज विभाग के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाए।
  • उसके बाद आपको रिपोर्ट का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करने के बाद बहुत सारे नए विकल्प दिखेगा।
  • उस में आपको बिहार नल जल योजना शिकायत स्थिति रिपोर्ट पर क्लिक करना होगा।
  • उस पर क्लिक करने के बाद आप अपना जिला चुने। उसके बाद प्रखंड और फिर पंचायत चुने। उसके बाद फिर आपको अपना वार्ड चुनना होगा।
  • आप इसके बाद अपना Complaint दर्ज कर सकते है जिसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करने के बाद आपका शिकायत दर्ज हो जायेगा।

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