मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना 2022 | Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana

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मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना 2022

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानो की फसल लागत बढाने, उत्पादकता बढ़ाने के लिए तथा कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना (Mukhyamantri Krishak Samridhi Yojana) शुरू की है। अगर आप इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है, तो इस लेख को शुरू से आखरी तक जरूर पढ़े। इस लेख में आपके लिए कृषक समृद्धि योजना मध्य प्रदेश के बारे में महत्वपूर्ण जारकारी दी गयी है।आईये जानते है इस योजना के बारे में और अधिक जानकारी !

राज्य की प्रमुख कृषि फसलें गेहूँ, चना, मसूर, सरसों एवं धान की कृषि लागत बढने, उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषकों को प्रोत्साहित किए जाने तथा फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) गुणवत्ता उत्पादन को प्रोत्साहित किए जाने हेतु मंत्री – परिषद आदेश आयटम क्रमांक 18 दिनांक 27 मार्च, 2018 से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है ।

मध्यप्रदेश राज्य की प्रमुख कृषि फसलें गेहूँ, चना, मसूर, सरसों एवं धान की कृषि लागत बढाने, उत्पादकता बढ़ाने और कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए तथा फसल गुणवत्ता उत्पादन को और अधिक बढ़ाने हेतु दिनांक 27 मार्च, 2018 से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना (Mukhyamantri Krishak Samridhi Yojana) को शुरू किया गया है ।

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का उद्देश्य

किसानो की फसल उपज का सही समर्थन मूल्य दिलाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

कृषि उत्पाद मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बेचा गया हो या फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बेचा गया हो, दोनों स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ पंजीकृत किसान को देय होगा ।

MP मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए पात्रता 

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ ई उपार्जन पंजीयन पोर्टल पर पंजीकृत किसान को मिलगा।

कृषक समृद्धि योजना मध्य प्रदेश आवश्यक दस्तावेज

  • ई – उपर्जन का पंजीयन
  •  आधार कार्ड की प्रति
  • मोबाइल नंबर
  • अन्य मंडी के दस्तावेज
  • प्रवेश पर्ची
  • तोल पर्ची
  • अनुबंध पर्ची
  • भुगतान पर्ची

Mukhyamantri Krishak Samridhi Yojana योजना में आवेदन कैसे भरे 

कृषक समृद्धि योजना में पंजीयन के लिए आपको MP E Uparjan पोर्टल पर  ई उपार्जन पंजीयन 2021-22 करना होगा।

किसान पंजीयन/आवेदन सर्च पर क्लिक करे और अपना जिला चुने, इसके बाद अपना मोबाइल नंबर या समग्र आइडी क्रमांक और कॅप्टचा कोड प्रविष्ट कर किसान सर्च पर क्लिक करे। आपको सभी जानकारी दिख जाएगी। इसके बाद आप पंजीयन ई उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कर सकते। है।

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की मुख्य बाते 

योजना का नाममुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना
लॉन्च दिनांक27 मार्च 2018
किसके द्वारा शुरू किया गयाशिवराजसिंह चौहान
योजना का उद्देश्यकिसान को फसल उपज का सही मूल्य देना
लाभार्थीमध्यप्रदेश किसान
वर्ष2022
ऑफिसियल वेबसाइटकिसान कल्याण और कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश

MP मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना योजना के लाभ 

  • योजना में खरीफ 2016 में धान एवं रबी 2016 -17 में गेहूँ की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक साख सहकारी समितियों के माध्यम से ई – उपार्जित मात्रा पर रु 200 /- प्रति कुंटल की प्रोत्साहन राशि लाभान्वित पात्र किसान के बैंक खाते में जमा कराई गयी।
  • प्रदेश में रबी वर्ष 2017 -18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जित कराने वाले किसानों को रू.265 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि उपार्जित कराने वाले किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
  • प्रदेश में रबी 2017 -2018 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जित कराने वाले किसानों को रु. 100/- प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि उपार्जन कराने वाले पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
  • आयुक्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा रबी 2016 -17 में गेहूँ तथा खरीफ 2017 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य रु. 200/- प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि किसान तथा कृषि विकास संचालनालय द्वारा उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को जिलावार उपलब्ध कराई जाती है।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के मूल बिंदु 

राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण कृषि केबिनेट द्वारा किया जाएगा । जिला स्तर पर उक्त योजना का क्रियान्वयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा । योजना के क्रियान्वयन से गेहूँ, धान, चना,मसूर एवं सरसोँ की खेती करने वाले कृषकों की खेती में उन्नति तथा इस योजना से फसलों के उत्पादक किसानों की संतुष्टि के आंकलन संबंधी सर्वेक्षण कार्य अटल बिहारी बाजपेय सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा किया जाता है।

  • पात्र लाभान्वित किसानों के सत्यापित बैंक खाते आरटीजीएस /एनईएफटी फेल हो जाने या बैंक खातों के संबंध में किसी भी विवाद की स्थिति में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति स्थानीय जाँच कराने तथा जाँच उपरांत 15 दिन के अंदर राशि प्रदान करने हेतु अधिकृत होगी । मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत सत्यापित बैंक खातों में राशि प्रदान किए जाने के उपरांत जिला कलेक्टर द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र किसान तथा कृषि विकास संचालनालय को भेजा जाता है।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा घोषित मंडियों की मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि को “भवान्तर भुगतान योजना“ अन्तर्गत किसान के बैंक खाते में राशि जमा कि जाती है |
  • समिति द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के ई – उपार्जन पोर्टल पर रबी 2016 -2017 एवं खरीफ 2017 के क्रमशः गेहूँ एवं धान के डाटाबेस की परीक्षण पुष्टि की जाती है। समिति के मार्गदर्शन में प्रत्येक लाभान्वित किसान के बैंक खाता क्रमांक की पुष्टि की जाती है । रबी 2017 -18 के गेहूँ,चना,मसूर एवं सरसों के पंजीयन किसानों द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल पर कराने तथा/अथवा निश्चित अवधि में पात्रता की सीमा तक विक्रय की गई मात्रा पर प्रोत्साहन राशि जमा कराए जाने से पूर्व परिपत्र में उल्लेखित प्रक्रिया का पालन कर बैंक खातों का सत्यापन तथा विधिवत आरटीजीएस /एनईएफटी भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा । उपसंचालक (किसान कल्याण तथा कृषि विकास) उपरोक्त समिति के अनुमोदन उपरांत ही भुगतान करेंगे ।

योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन :-

जिला कलेक्टरअध्यक्ष
उप संचालक,किसान कल्याण तथा कृषि विकाससदस्य
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायतसदस्य
अतिरिक्त कलेक्टर (राजस्व)सदस्य
उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएंसदस्य
जिला खाद्य अधिकारीसदस्य
जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकसदस्य
जिला प्रबंधक,नागरिक आपूर्ति निगमसदस्य
जिला प्रबंधक, म.प्र. राज्य सहकारीसदस्य
जिला लीड बैंक अधिकारीसदस्य

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